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अल्मोड़ाउत्तराखंड

अल्मोड़ाः प्रवासी युवाओं को उद्यमों से जोड़ने की राह बनेगा मंच, स्वावलंबन समितियां बनाने का काम शुरू

कार्यक्रम में मंच के पदाधिकारी।

अल्मोड़ा। अब तक गांवों में कोरोना संघर्ष समिति के जरिये जनहित में कार्य रहा धर्मनिरपेक्ष युवा मंच ने अब नया निर्णय लिया है। मंच ने अब कोरोना संघर्ष समितियों को ग्राम स्वावलंबन समिति बनाने का निर्णय लेकर इस पर अमल शुरू कर दिया है। अब ये समितियां बाहरी प्रदेशों से कोरोना संक्रमण के कारण नौकरी छोड़ घर आए युवाओं के लिए स्वरोजगार या रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
एक कार्यक्रम में यहां मंच के संयोजक विनय किरौला ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते विभिन्न प्रदेशों से पहाड़ में अपने घर आए युवाओं में से अधिकांश ने अब क्वांटाइन की अवधि पूरी कर ली है। अब इन प्रवासी युवाओं के सामने रोजगार की विकट समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में मंच ने उनका साथ देने की ठानी है। निर्णय के मुताबिक गांव व नगर के युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मंच ने कोरोना संघर्ष समिति को स्वावलंबन समिति में बदल दिया है और हर गाँव व अल्मोड़ा नगर में स्वालंबन समिति का निर्माण करने का निर्णय लिया हैं जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रदेशों से आये युवाओं को उधमों से जोड़ने का प्रयास करना है। इसके लिए समितियों के माध्यम से शासन-प्रशासन से मांग की जाएगी कि जिला योजना से लेकर ब्लॉक स्तर तक तथा संबंधित विभागों में ऐसे दक्ष अधिकारी नामित किए जाएं, जो स्वरोजगार के लिए इन युवाओं का मार्गदर्शन करें और उन्हें स्वरोजगार के लिए तकनीकी सहायता दें। इसके अलावा युवाओं के उद्यमों के उत्पादों की विपणन व ग्रेडिंग की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन लें। इसके लिए लगातार दबाव बनाया जाएगा, ताकि इन बेरोजगार हुए युवाओं के रोजगार का मार्ग प्रशस्त हो।
इस मौके पर बताया गया कि हवालबाग विकासखंड के ग्राम पिल्खा में मंच द्वारा ग्राम स्वालंबन समिति की स्थापना कर दी गयी है। कार्यक्रम में मंच के संयोजक विनय किरौला समेत ग्राम प्रधान ज्योली देव सिंह भोजक, ग्राम प्रधान तलाड़-बाड़ी किशन सिंह बिष्ट, प्रधान बँगसर भुवन कांडपाल, सुंदर लटवाल, विनोद मुस्युनी, पवन मुस्युनी, मयंक पंत, मनीष भाकुनी, चंदन कुमार, पंकज कुमार, विनोद कुमार, गिरिश कुमार आदि शामिल थे।

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