शहीद के पैत्रक गांव में पुष्पांजलि अर्पित करते व शोक संतप्त परिजनों को दिलासा देते एसएसपी

”मैं जला हुआ राख नही, अमर दीप हूँ,
जो मिट गया वतन पर, मैं वो शहीद हूँ।”

अल्मोड़ा। गत 2 मई, 2020 को हिन्दवाड़ा जम्मू कश्मीर में आतंकियों द्वारा परिवार को बन्धक बनाये जाने की सूचना पर मौके में पहुंचे कमाडिंग आफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा के साथ 05 जांबाज वीरों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए आतंकी मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर कर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीदों में जनपद अल्मोड़ा के मिरगांव, दन्या निवासी दिनेश सिंह गैढ़ा उम्र-26 वर्ष पुत्र गोधन सिंह गैढ़ा (भूतपूर्व सैनिक) के नाम की सूचना मिलते ही परिवार के साथ ही साथ पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। तब से ही शहीद के अन्तिम दर्शन हेतु पूरे परिवार सहित ग्रामवासी पथराई आंखों से पार्थिव शरीर का इन्तजार कर रहे थे। आज शहीद दिनेश सिंह का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लेकर मैजर जनरल पुष्पेन्द्र सिंह आदि सैन्य अधिकारी सेना वाहन के साथ जैसे ही शहीद के गांव मिरगांव पहुंचे तो घर के इकलौते चिराग के पार्थिव शरीर को देखते ही मां एवं बहन की करूण कृन्दन व चित्कार सुन पूरा माहौल गमगीन हो गया। शहीद के अमर बलिदान को याद कर उपस्थित प्रत्येक आंखे नम हो गयी। शहीद के पिता गोधन सिंह गैढ़ा जो सेना में रहकर भारत मां की सेवा का धर्म निभा चुके हैं, पुत्र की शहादत को याद कर अभिमान के साथ ही साथ भावुक नजरों से पार्थिक शरीर को निहारते रहे।

मां भारती के लाल शहीद दिनेश के सर्वोच्च बलिदान को नमन करने हेतु अन्तिम यात्रा में शामिल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा प्रहलाद नारायण मीणा द्वारा शहीद की मां एवं शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया गया। जब तक सूरज चांद रहेगा, दिनेश तेरा नाम रहेगा इन नारों की गूॅज के साथ शहीद के परिजन, ग्राम वासियों व सैन्य अधिकारियों आदि के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा शहीद के पार्थिव शरीर के साथ अन्तिम यात्रा में शामिल हुए। शहीद के पार्थिव शरीर को रामेश्वर घाट पनार दन्या में प्रहलाद नारायण मीणा द्वारा पुष्पचक्र अर्पित करते हुए शहादत को नमन करते हुए उत्तराखण्ड पुलिस परिवार की ओर से शहीद के सर्वोच्च बलिदान व शहादत को सलाम किया गया।


सी.एन.ई. में सबसे पहले प्रकाशित संबंधित समाचार —

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here