अल्मोड़ाउत्तराखंड

अल्मोड़ा : श्रद्धापूर्वक मना सातो—आठों पर्व, अगले साल से लेगा उत्सव का रूप

अल्मोडा, 27 अगस्त। यहां दुगालखोला में तीन दिन पूरी परंपरा व श्रद्धा के साथ चला सातों—आठों पर्व संपन्न हो गया। कोविड—19 के कारण सादे समारोह की तर्ज पर चले इस धार्मिक आयोजन में महिलाओं ने ब्रत धारण कर गौरा—पार्वती की विशेष पूजा अर्चना की और गौरा महेश्वर को परंपरागत बिरुड़ पकवान के प्रसाद से तृप्त किया। इस कार्यक्रम के समापन मौके पर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
पर्व के तहत परंपरानुसार सात अनाजों से वनी गौरा पार्वती की मूर्तियों का नन्दा नौला दुगालखोला में विसर्जन किया गया। इस दौरान पारम्परिक नृत्य व गीत हुए। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने कहा कि यह पर्व पहाड़ की एक प्राचीन परम्परा है। इसका सीमान्त क्षेत्रों में काफी प्रचलन है और अल्मोड़ा जनपद में भी यह पर्व ममाया जाता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपनी पुरानी परम्पराओं से दूरी बना रही है। ऐसे में अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित करने की जरूरत है और ऐसे आयोजन जरूरी हैं। अन्य वक्ताओ ने कहा कि इस वर्ष कोरोना के कारण औपचारिक कार्यक्रम हुआ, लेकिन अगले वर्षों से इसे एक उत्सव का स्वरूप दिया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। समापन कार्यक्रम का संयोजन तारा भट्ट व कर्मचारी नेता चन्द्रमणि भट्ट ने सहयोहियो के साथ किया। इस मौके पर मुहल्ले की समस्याओ से भी पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी को अवगत कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड मेंबर आशा रावत व संचालन संजय दुर्गापाल ने किया। जिसमें दयाकृष्ण काण्डपाल, चन्द्रमणि भट्ट, घनश्याम गुर्रानी, पीएस सत्याल आदि ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में तारा भट्ट, भगवती गुर्रानी, गीता पोखरियाल, संगीता भट्ट, हेमा पाण्डे, भावना काण्डपाल, रमा पाण्डे, बिमला काण्डपाल आदि कई महिलाएं शामिल हुई।

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