अल्मोड़ाउत्तराखंड

ALMORA NEWS: मातृभाषाओं को बचाने के लिए ठोस प्रयास जरूरी, सोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर गोष्ठी

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा के उपलक्ष्य में गोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि हमारी उन्नति का मूल मातृभाषाएं हैं। सभी ने विलुप्त हो रही मातृभाषाओं को बचाने के लिए ठोस प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया।
गौरतलब है कि इस दफा केंद्रीय शिक्षाा मंत्री रमेश पोखरियाल ने मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए आज से 23 फरवरी तक अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने और इसके तहत विविध कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय में गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी में वेबिनार जरिये सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय,अल्मोड़ा के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल तथा संजय धोतरे व अन्य अतिथियों के विचारों को सुना।
गोष्ठी में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी ने अपने संदेश में कहा कि हम अपनी मातृभाषा के बल पर ही देश व विश्व में जाने जाते हैं। हमें विलुप्त होने की कगार पर पहुंची अपनी मातृभाषाओं को बचाने के लिए प्रयास करना होगा और मातृभाषा को प्रोत्साहन देना होगा। कुलसचिव डॉ. बिपिन चंद्र जोशी ने कहा कि मातृभाषा है, तो भारतीय संस्कृति है। इसलिए हमें मान और सम्मान के साथ अपनी भाषाओं को बढ़ावा देना होगा। हमें अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को भी बचाने के लिए आगे आना होगा और भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रयास करने होंगे। योग शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन भट्ट ने कहा कि कहा कि भाषाओं से राष्ट्रीय एकता बढ़ती है। भाषा ही हमें दूर—दूर तक जोड़ती है। मातृभाषा ही हमारी उन्नति का मूल है। गोष्ठी में डॉ. ललित चंद्र जोशी ने भी विचार रखे। गोष्ठी का संचालन योग के शोधार्थी रजनीश जोशी ने किया। गोष्ठी में कई शिक्षक व विद्यार्थी शामिल हुए।

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