• ललित फर्स्वाण ने अर्थी को कंधा और चिता को दी मुखाग्नि

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
वृद्धाश्रम में रहने वाली एक वृद्धा का निधन हो गया है। जिसका पूर्व विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण ने अंतिम संस्कार किया। उन्होंने वृद्धा की चिंता को मुखाग्नि देकर पुत्र का दायित्व निभाया। इस बात की पूरे जिले में सहराना हो रही है।

कहते हैं कि इंसानियत सिखाई नहीं जाती है। वह संस्कार और व्यवहार से आती है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने आज बेहतर सोच, अच्छे संस्कार व सच्ची इंसानियत का परिचय दिया। गरीबों की मदद करना और अनाथ बेटियों का विवाह करना उनकी सेवाभाव में शामिल पहले से ही रहा है। इस सेवाभाव के चलते उन्होंने गुरुवार को सेवा की नई पहल शुरू की। दरअसल, यहां वृद्धाश्रम में रहने वाली 68 वर्षीय कुंती देवी का निधन हो गया। उनके चिंता को मुखाग्नि देने वाला तक नहीं था। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बेटा बनकर उनकी अर्थी को कंधा दिया और मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार कराया। बीते दस वर्ष से वृद्धा आश्रम में रह रही थी। वह अल्मोड़ा जिले की रहने वाली थी। उनके स्वजनों का नाम आदि भी समाज कल्याण विभाग के रिकार्ड में भी नहीं था। ऐसे में ललित फर्स्वाण को वृद्धा के देहांत की सूचना मिली। उन्होंने बेटे का फर्ज निभाते हुए विधि विधान से अंतिम संस्कार किया। इस दौरान समाज विभाग के कर्मचारी आदि मौजूद थे।




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