सोलनहिमाचल

नालागढ़ : सैनी माजरा में फार्मा कंपनी का मजदूरों पर शोषण, मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे मजदूर

नालागढ़। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के साथ जमकर शोषण हो रहा है इस पर न तो सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है और ना ही लेबर विभाग। ताजा मामला औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के तहत सैनी माजरा गांव का है जहां पर एक देश की नामी फार्मा फैक्ट्री द्वारा मजदूरों का शोषण किया जा रहा है और शोषण से तंग आकर सैकड़ों मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। आपको बता दें कि कंपनी के गेट से बाहर सैकड़ों कंपनी के कामगारों ने टेंट लगाकर अपना रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया है मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर शोषण के आरोप लगाते हुए कहा है कि 500 के करीब मजदूर हैं और उनका इंक्रीमेंट जितना लगना चाहिए था उतना नहीं लगाया गया है उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाफ के लोगों का ही इंक्रीमेंट लगाया गया है जबकि उनकी सैलरी डेढ़-डेढ़ लाख रुपए है। उन्होंने कहा कि ना तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और कंपनी में काम करने के दौरान उनके साथ बदसलूकी की जा रही है और गाली गलौज तक निकाला जा रहा है मजदूरों का आरोप है कि महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की जाती है और अगर कोई कामगार कुछ मिनट लेट हो जाए तो उसका गेट बंद कर दिया जाता है अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे कंपनी से बाहर निकाल दिया जाता है। मजदूरों का कहना है कि ऐसे दर्जनों लोग हैं जिन्हें बिना वजह कंपनी प्रबंधन द्वारा बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है और आज वह अपने परिवार का गुजरा करने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह कंपनी के बाहर भूख हड़ताल करने को भी मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन एवं लेबर विभाग की होगी।

इस बारे में जब हमने कंपनी प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की तो हमें गेट से ही अंदर नहीं जाने दिया गया और गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने यह कहा कि कंपनी प्रबंधन और मैनेजमेंट के लोग व्यस्त हैं और वह इस समय कुछ भी मीडिया को बयान नहीं दे सकते हैं।

आपको बता दें कि मजदूरों का कहना है कि कई बार लेबर विभाग को भी कंपनी मैनेजमेंट द्वारा शोषण को लेकर शिकायतें दी गई लेकिन उन पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है मजदूरों का कहना है कि अब तो हद हो चुकी है जब तक हमारे सभी मजदूरों की मांगे पूरी नहीं मानी जाती तब वह अपने प्रदर्शन से नहीं उठेंगे और अगर किसी भी मजदूर को इस प्रदर्शन के दौरान जान माल का नुकसान होता है तो उसका जिम्मेवार कंपनी प्रबंधन होगा।

हालांकि मजदूरों के रोष प्रदर्शन करने के बाद ही कंपनी के मैनेजमेंट द्वारा मजदूरों को बातचीत के लिए बुलवा लिया गया है और मजदूरों एवं कंपनी प्रबंधन के बीच बैठक चल रही है अब यह तो बैठक के बाद ही साफ हो पाएगा कि दोनों के बीच क्या कोई समझौता बना है या कंपनी प्रबंधन द्वारा मजदूरों की मांगे मानी गई है या नहीं मानी गई। यह देखना होगा।

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