-नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम से की जांच कराने की मांग

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
जिला पंचायत में बजट अनियमितता का मामला फिर गहराने लगा है। नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अध्यक्ष पर बजट के मामले में नियमों की अनदेखी कर विवेकाधीन कोष के नाम पर मनमानी की जा रही है, जो पंचायती राज नियमावाली के खिलाफ है। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है।




जिला पंचायत सदस्य गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी रीना जोशी से मिले और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। सदस्यों का कहना है कि जिला पंचायत में बजट वितरण में हो रही अनियमितता को लेकर 15 जून 2021 से 17 सितंबर तक जिपं उपाध्यक्ष समेत आठ सदस्यों ने आंदोलन किया। यह आंदोलन 94 दिन तक चल। इसके बाद जिलाधिकारी की मध्यस्थता में आंदोलन समाप्त किया गया, लेकिन इस वक्त उस समय लिए गए निर्णय का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम में विवेकाधीन का कोई नियम नहीं, जबकि अध्यक्ष ने 40 प्रतिशत वजट विवेकाधीन कोष में रखा है।

इस मामले में पूर्व में अपर मुख्य अधिकारी ने छह फरवरी 2020 को जिलाधिकारी को पत्र भी दिया था। प्रत्येक बजट में परिसंपत्ति में मनमाने ढंग से अपने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए बजट रख गया है। यह भी नियम विरूद्ध है। इसके अलवा शासान द्वारा प्रत्येक जिले में जनसंख्या के आधर पर बजट आवंटित किया जाता है, लेकिन यहां बंदरबांट हो रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिपं सदस्य गोपा धपोला, पूजा आर्या, इंदिरा परिहार, रेखा देवी आदि शामिल थे।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here