सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

शिक्षकों से अब तिरंगे ध्वज निर्माण का शुल्क नहीं लिया जायेगा। बागेश्वर जनपद में शिक्षकों से प्रति तिरंगा निर्माण का शुल्क वसूले जाने का आदेश सीईओ ने वापस ले लिया है। इस संबंध में सीएनई ने सर्वप्रथम समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद शिक्षकों के व्यापक विरोध के बाद यह फैसला वापस ले लिया गया है।

ज्ञात रहे कि गत दिनों मुख्य शिक्षा अधिकारी बागेश्वर ने एक आदेश जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि आजादी के अमृत महोत्व के तहत 15 अगस्त को घर—घर तिरंगा फहराये जाने के अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक शिक्षकों को ​खादी वस्त्र में तिरंगा निर्माण हेतु 230 रूपया जमा करने होंगे।


मुख्य शिक्षा अधिकारी, बागेश्वर की ओर से विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बागेश्वर, गरूड़ व कपकोट को “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम को सफल बनाये हेतु निर्देश जारी किये गये थे। कहा गया है कि 15 अगस्त 2022 को हर घर में राष्ट्रीय ध्वज फहराये जाने हेतु ध्वज निर्माण (खादी वस्त्र में) स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराये जाने के निर्देश प्राप्त हैं। जिसमें प्रत्येक ध्वज की लागत लगभग 230 (दो सौ तीस रूपये) मात्र प्रति ध्वज है। अतः उक्त के सम्बन्ध में अधिकारियों को अपने अधीनस्थ समस्त शिक्षकों/ कार्मिकों (अध्यापक/कर्मचारी) से प्रति ध्वज रूपया 230 (दो सौ तीस रूपये) की दर से धनराशि संकलित कर 03 दिवस के अर्न्तगत जिला विकास कार्यालय बागेश्वर में जमा करवानी होगी।

उक्त समाचार को क्रिएटिव न्यूज एक्सप्रेस में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इस मामले को लेकर शिक्षकों ने विरोध भी दर्ज किया था। जिसके बाद अब मुख्य शिक्षा अधिकारी बागेश्वर गजेंद्र सौन ने यह आदेश वापस ले लिया है। उनका कहना है कि सीडीओ के आदेश पर उन्होंने ही विभागीय कर्मचारियों से झंडे की कीमत लिए जाने के आदेश जारी किये थे। शिक्षकों के विरोध के बाद अब यह आदेश निरस्त कर दिया गया है। हालांकि तिरंगा अभियान को लेकर मुख्य ​सचिव की आज होने जा रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद ही अग्रिम निर्णय लिये जायेंगे।

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